छत्तीसगढ़ के विकास में बाधा बन रहे ...

 छत्तीसगढ़ के विकास में बाधा बन रहे नक्सलियों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि बस्तर की बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के विरोध के पीछे क्या नक्सलियों का संगठन सक्रिय है. उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले नेता बताएं कि उनके खेतों में पानी पहुंचता है कि नहीं. उनके खेत में पानी पहुंच रहा है तो आदिवासी के खेत में भी पानी पहुंचना चाहिए. जो नक्सली इसका विरोध कर रहे हैं, उन नक्सली नेताओं को बताना चाहिए कि हैदराबाद में, तेलंगाना में महाराराष्ट्र में वे जहां भी रहते हैं, उनके खेतों और घरों की स्थिति क्या है. नक्सली नेता आखिरकार आदिवासी समाज की स्थिति क्यों नहीं सुधरने देना चाहते आदिवासियों को क्या रोजगार का अवसर नहीं मिलना चाहिए.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि आदिवासियों के खेत में पानी कैसे पहुंचे. उनके पास पैत्रिक जमीन है, हम वन अधिकार पट्टा भी दे रहे हैं. जमीन देने का काम तो तेजी से हो रहा है. लेकिन उनके खेत में पानी कैसे पहुंचे. यदि पानी ही नहीं होगा तो खेती करना संभव नहीं है. यह नुकसान का धंधा है. इसी वजह से आदिवासी क्षेत्र में लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर से और कमजोर होती गई है. उन्होंने कहा, बोधघाट परियोजना का जो विरोध कर रहे हैं, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि वे कोई वैकल्पिक व्यवस्था बता दें.

मुख्यमंत्री ने बोधघाट परियोजना पर कहा, छत्तीसगढ़ में जो विकास है वह कांग्रेस शासन का ही है. यहां जितने भी बांध बने कांग्रेस के शासन में ही बने हैं. भाजपा ने तो यहां एक भी बांध नहीं बनाया. आज अगर गंगरेल नहीं होता, हसदेव बांगो बांध नहीं होता तो धमतरी, रायपुर, जांजगीर, रायगढ़ और बिलासपुर में सिंचाई क्षमता बढ़ गई होती. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सिंचाई के संसाधनों को विकसित कर रही है.